Manipur police vs assam rifles :मणिपुर में पुलिस और असम राइफल के बीच लड़ाई क्यों

Manipur police vs assam rifles :मणिपुर में पुलिस और असम राइफल के बीच लड़ाई क्यों

मणिपुर में चल रहे हैं पिछले 3 महीनों से जातीय हिंसा के बीच राज्य के राज्य में तैनात सुरक्षाबलों के बीच जमीनी स्तर पर हो रहे भेदभाव मतभेद और तनाव खुलकर सामने आ गए हैं ,ताजा घटनाक्रम में मणिपुर पुलिस ने असम राइफल के सैनिकों के खिलाफ ड्यूटी में बाधा डालने ,चोट पहुंचाने की धमकी देने और गलत तरीके से रोकने की धाराओं पर के तहत एफ आई आर दर्ज किए हैं असम राइफल के 9 वी बटालियन के सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ यह एफ आई आर विष्णुपुर जिले के phougakchao Ikhai police Station दर्ज की गई है

क्या है घटना

f.i.r. में मणिपुर पुलिस का कहना है कि 5 अगस्त को सुबह 6:30 बजे जब राज्य पुलिस की टीमें  foljunng  इलाके में आतंकवादियों का तलाशी अभियान चलाने के लिए पहुंची 9 असम राइफल्स के सैनिकों ने उन्हें उनका काम करने से रोका और  गठित कुकी उग्रवादी को सुरक्षित इलाके में भागने का मौका दिया

FULL VIDEO:-https://twitter.com/mr_mayank/status/1687814766293884928?t=2SXqegHOas2rJ9k_qUdWKw&s=19

इस घटना से जुड़े एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें मणिपुर पुलिस और असम राइफल के बीच तीखी बहुत सोते नजर आ रही है, साथ ही मणिपुर के 1 जवान को असम राइफल पर हथियारबंद अपराधियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए देखा जा सकता है

असम राइफल

असम राइफल एक केंद्रीय अर्धसैनिक बाल है जो मुख्य रूप से भारत म्यांमार सीमा पर तैनात है असम राइफल भारतीय सेना के ऑपरेशनल कंट्रोल के तहत काम करता है असम राइफल की भूमिका पर सवालों पर भारतीय सेना ने खंडन किया है भारतीय सेना का कहना कहना है कि जमीनी हालात की जटिल प्रकृति के वजह से विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच जमीनी स्तर पर कभी-कभी मतभेद हो जाते है जिसका  निपटारा संयुक्त तंत्र के जरिए तुरंत कर लिया जाता है

विष्णुपुर जिले में हुई हलिया घटना के बारे में सेना का कहना है की असम राइफल हिंसा रोकने के लिए कुकी और मेथी क्षेत्र के बीच बनाए गए बफर जोन को बनाए रखने के लिए यूनिफाइड हेड क्वार्टर द्वारा दिए गए काम को अंजाम दे रहे थे ताजा घटनाक्रम में मणिपुर के 40 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा है जिसमें कहा गया है कि असम राइफल की मूवी 9वी 22 वी 37वी बटालियनओ को राज्य से हटाकर किसी और विश्वसनीय केंद्रीय सुरक्षा बल को मणिपुर में तैनात किया जाए

राजनीतिक पार्टियों का क्या है कहना

इससे पहले मणिपुर की भारतीय जनता पार्टी इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी ज्ञापन में कहा था राज्य में शांति बनाए रखने में  असम राइफल की भूमिका की काफी आलोचना हो रही है और सार्वजनिक आक्रोश देखने को मिल रही है, इस ज्ञापन में कहा गया था कि असम राइफल  निष्पक्षता  बनाए रखने में सफल रही और जनता यह आरोप लगा रही है उनकी भूमिका पक्षपातपूर्ण है कि वह एक समुदाय का समर्थन कर रहे हैं

भारतीय सेना का क्या है  कहना

वहीं भारतीय सेना का कहना है कि असम राइफल को बदनाम करने की कोशिश किया जा रहा है और साथ ही यह आश्वासन भी दिया है सेना और असम राइफल हिंसा को बढ़ावा देने वाले किसी भी कोशिश को रोकने के लिए अपने कार्यों में  बने रहे |

 

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